Anonymous
Asked March 06, 2017

False case against my father

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सर, नमस्ते, मेरे पिता जी के विरुद्ध एक अनुसूचित जाति के व्यक्ति ने बदले की भावना से झूठे गाली-गलौज और मार पिट करने का आरोप लगाया है। मेरे पिता ने पूर्व में दिनांक 06/12/2016 में विरोधी के खिलाप एक शिकायत पुलिस चौकी में की थी, चौकी से कोई कार्यवाही न होते देख पिता जी ने थाने में शिकायत की थी, वहा से भी कोई कार्यवाही न होने पर 24/12/2016 को SP के समक्ष भी शिकायत दिया था, जिसकी कॉपी मौजूद है। पिता जी को 03/02/2017 में एक नोटिस मिला जो अ.जा.क. प्रकोष्ठ से था और उनको वहां अपना बयान के लिए बुलाया गया था, बयान में पिता जी ने पूर्व में शिकायत के बारे में में कहा और SP के समक्ष दिए गए शिकायत की कॉपी भी दिया। इसके बाद पिता जी ने SP को फिर एक शिकायत दिया की विरोधी व्यक्ति उन्हें बदले की भावना से झूठे केस में फ़साना चाहता है। सबूत 1 :- विरोधी व्यक्ति झूठा गवाह की तलास कर रहा है, जिसकी एक रिकॉर्डिंग मौजूद है जिसमे उस व्यक्ति ने कबूल किया है की विरोधी व्यक्ति उसके पास गया था की वह उसका एक झूठा गवाह बन जाये। सबूत: 2:- पूर्व में विरोधी व्यक्ति के विरुद्ध SP के समक्ष किये गए शिकायत की कॉपी। सबूत: 3:- विडियो रिकॉर्डिंग जिसमे चौकी प्रभारी ने विरोधी के प्रति पूर्व में कार्यवाही की है को कबूल किया है । अब सवाल -अब हमें आगे क्या करना चाहिए? -पुलिस वाले कहते है:- कुछ लेन-देन हो जाये तो मामले को ख़त्म कर देंगे। अन्यथा जेल जाओगे, यह केस बहुत ही खतरनाक है। -DSP ऑफिस में मुन्सी ने कुछ पैसे की भी मांग की थी। मामले को ख़त्म करने के लिए। मै किस आप्शन को चुनु मेरे पिता पूर्णता: निर्दोष है, यह मै कैसे साबित करू अब तो उनकी मानसिक स्थिति भी बिगड़ने लगी है। इस अपराध की दुनिया को देख कर।

Answer 1

Aapko turant hi sare sabutoke sath high court me quash and set aside for complaint and FIR Ke liye petition dakhil karni hongi taking high court we turant order lekar police ko desake ki jhooti complaint banayi gayi hai.....

Osse apko high court se support rahrga air police bhi control me rahegi

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